महात्मा गांधी
"महात्मा गांधी"
सत्य अहिंसा के व्रत धारी
मानव प्रेम के प्रबल पुजारी
भारत माँ थीं जिनको प्यारी
हम सब हैं उनके आभारी
शस्त्र अहिंसा का वो अपनाये
बारूद , बंदूख न तलवार चलाये
फिर भी अंग्रेजो को मार भगाये
देश प्रेम के अमर पुजारी
हम सब है उनके आभारी
जो सहज नहीं अदभुद मानव था
लाठी पर खुद को ताने था
जो देश स्वतंत्रता के खातिर
बार अनेक आमरण अनशन ठाने था
वो थे सचमुच सत्यव्रत धारी
हम सब हैं उनके आभारी
- राजेश त्रिपाठी
सत्य अहिंसा के व्रत धारी
मानव प्रेम के प्रबल पुजारी
भारत माँ थीं जिनको प्यारी
हम सब हैं उनके आभारी
शस्त्र अहिंसा का वो अपनाये
बारूद , बंदूख न तलवार चलाये
फिर भी अंग्रेजो को मार भगाये
देश प्रेम के अमर पुजारी
हम सब है उनके आभारी
जो सहज नहीं अदभुद मानव था
लाठी पर खुद को ताने था
जो देश स्वतंत्रता के खातिर
बार अनेक आमरण अनशन ठाने था
वो थे सचमुच सत्यव्रत धारी
हम सब हैं उनके आभारी
- राजेश त्रिपाठी

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